रोज दो आंवला खाइए, उम्र घटाइए!
आयुर्वेद में आंवले को जो सम्मान हासिल है वह किसी दूसरे फल, जड़ी अथवा बूटी को नहीं मिलता। यह Vitamin C का सर्वोत्तम स्रोत है। इसके अलावा इसमें गैलिक एसिड, टैनिक एसिड, शर्करा तथा कैल्शियम भी पाया जाता है। आंवले के रस में संतरे के रस की तुलना में 20 गुना अधिक विटामिन सी पाया जाता है। सुबह प्रतिदिन खाली पेट दो आंवला खाने या फिर रात में सोने से ठीक पहले एक चम्मच आंवले का चूर्ण एक घूंट पानी के साथ लेने का प्रभाव आप एक महीने में खुद महससू करेंगे।गुण : आंवले को आयुर्वेद में 'रसायन' वर्ग में रखा गया है। अर्थात यह शरीर का पोषण करने के गुण रख़ता है। आधुनिक संदर्भ में इसे बेहतरीन एंटी ऑक्सीडेंट माना गया है। अत: इसके सेवन से व्यक्ति सदा स्वस्थ रहता है। आंवला फल के सीधे सेवन के अलावा चूर्ण एवं स्वरस के रूप में इसका सेवन किया जा सकता है।
जुकाम : -* 2 चम्मच आंवले के रस को 2 चम्मच शहद के साथ मिलाकर सुबह और शाम चाटने से जुकाम ठीक हो जाता है।
* जिन लोगों को अक्सर हर मौसम में जुकाम रहता है उन लोगों को आंवले का सेवन रोजाना करने से लाभ होता है।दस्त : -
* आंवले को पीसकर बारीक चूर्ण बनाकर 3 ग्राम की मात्रा में लेकर सेंधानमक मिलाकर दिन में कई बार पानी के साथ पीने से दस्त का आना बंद हो जाता है।
* सूखे आंवले को नमक और थोड़ा पानी डालकर 4 ग्राम के रूप में दिन में 4 बार खाने से लाभ मिलता है।
* सूखे आंवले को पीसकर चूर्ण बना लें, फिर इसी चूर्ण में कालानमक डालकर पानी के साथ इस्तेमाल करने से पुराने दस्त में लाभ मिलता है।
* आंवले को सुखाकर 250 ग्राम पानी में मिलाकर पीसकर नाभि के चारों तरफ लगा दें, नाभि में अदरक का रस लगाकर और थोड़ा-सा पिलाने से आतिसार मिटता है।
आंवले का घरेलू प्रयोग* अतिसार: कच्चा आंवला पीस कर रोगी की नाभि के चारों ओर कटोरी जैसी बनाकर इस नाभि में अदरक का रस भर दें* हिचकी: आंवला, कैथ का गूदा, छोटी पीपर का चूर्ण, शहद से चटाएं तो हिचकियां मिट जाएंगी* अजीर्ण: ताजा आंवला, अदरक, हरा धनिया मिलाकर चटनी बनावें इसमें सेंधा नमक, काला नमक, हींग, जीरा, काली मिर्च मिला चटावें। डकारें आएंगी, भूख खुलेगी, हाजमा बढ़ेगा* स्त्रियों का बहुमूत्र: आंवले का रस, पका हुआ केले का गूदा, शहद व मिश्री चारों मिलाकर चटाएं* मूत्र कष्ट: आंवले का 25 ग्राम ताजा रस, छोटी इलायची के बीजों का चूर्ण कर पिलाएं। मूत्र आने लगेगा* बवासीर: आंवले पीस कर पीठी को मिट्टी के बर्तन में लेप कर दें। इसमें गाय की ताजा छाछ भर रोगी को पिलाएं* मुंह के छाले और घाव: आंवले के पत्तों के काढे से दिन में 2 से 3 बार कुल्ले कराएं* श्वेत प्रदर: आंवले की गुठली फोड़ कर निकाले बीजों का चूर्ण पानी से पीस कर शहद व मिश्री मिला पिलाएं* नेत्रों के रोग: आंवला छिलका दरदरा कूट कर पानी में भिगोकर रखें। इसे कपड़े से साफ छान कर दिन में तीन बार 2-2 बूंद आंखों में टपकाएं
चरबी कम करता है
आंवले में मौजूद गुण शरीर के मेटाबोल्जिम को ठीक बनाकर रखते हैं जिस वजह से शरीर में मौजूद अत्याधिक चरबी घटती है। आंवले में मिनरल और प्रोटीन की सही मात्रा होती है। इसलिए वजन घटाने में बेहद फायदेमंद होता है। आंवला पेट संबंधी बीमारियां जैसे कब्ज, पेट दर्द आदि को दूर करता है और पेट को साफ बनाता है।
आंवले में मौजूद गुण शरीर के मेटाबोल्जिम को ठीक बनाकर रखते हैं जिस वजह से शरीर में मौजूद अत्याधिक चरबी घटती है। आंवले में मिनरल और प्रोटीन की सही मात्रा होती है। इसलिए वजन घटाने में बेहद फायदेमंद होता है। आंवला पेट संबंधी बीमारियां जैसे कब्ज, पेट दर्द आदि को दूर करता है और पेट को साफ बनाता है।
आंवले का फल
यदि आप आंवले के फायदों और इसके हितकारी गुणों के बारे में जानकर सुबह कच्चा आंवला खा सकते हो तो आपके शरीर में फाइबर की मात्रा अधिक बढ़ेगी और वजन कम होगा। नियम बनाएं 1 कच्चा आंवला सुबह खाली पेट।
यदि आप आंवले के फायदों और इसके हितकारी गुणों के बारे में जानकर सुबह कच्चा आंवला खा सकते हो तो आपके शरीर में फाइबर की मात्रा अधिक बढ़ेगी और वजन कम होगा। नियम बनाएं 1 कच्चा आंवला सुबह खाली पेट।
पुरानी कब्ज और वजन घटाएं
आंवले में खाना पचाने की शक्ति होती है। जो पुरानी से पुरानी कब्ज मे राहत देती है। और इस गुण से वजन कम करने में आसानी होती है साथ ही शरीर मे उर्जा और चेहरा साफ होता है।
आंवले में खाना पचाने की शक्ति होती है। जो पुरानी से पुरानी कब्ज मे राहत देती है। और इस गुण से वजन कम करने में आसानी होती है साथ ही शरीर मे उर्जा और चेहरा साफ होता है।
सूखे आंवले का प्रयोग
आंवला पूरे साल नहीं मिलता है लेकिन आप आवलें को सूखाकर भी प्रयोग में ला सकते हो। आप सूखे आंवलों को चीनी की चाशनी में डालकर भी सेवन कर सकते हो।
आंवला पूरे साल नहीं मिलता है लेकिन आप आवलें को सूखाकर भी प्रयोग में ला सकते हो। आप सूखे आंवलों को चीनी की चाशनी में डालकर भी सेवन कर सकते हो।
मुरब्बे का प्रयोग
आंवले का मुरब्बा वजन कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए आप आंवले के मुरब्बे का प्रयोग भी कर सकते हो। पूरे साल आंवला नहीं मिलता है इसलिए आप मुरब्बे के रूप में इसे रख सकते हो।
आंवले का मुरब्बा वजन कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए आप आंवले के मुरब्बे का प्रयोग भी कर सकते हो। पूरे साल आंवला नहीं मिलता है इसलिए आप मुरब्बे के रूप में इसे रख सकते हो।
आंवले का पउडर
यदि आप कच्चा आंवला नहीं ले सकते हो तो आंवले का चूर्ण आपको आसानी से बाजार में मिल जाता है। आप चूर्ण का प्रयोग उसमें दिए गए नियमो के हिसाब से कर सकते हो।
यदि आप कच्चा आंवला नहीं ले सकते हो तो आंवले का चूर्ण आपको आसानी से बाजार में मिल जाता है। आप चूर्ण का प्रयोग उसमें दिए गए नियमो के हिसाब से कर सकते हो।
आंवला प्राकृति का अनमोल तोफा है। जो आपकी सेहत के लिए बेहद आवश्यक है। यदि आंवला आप अपने डायट में डेली सेवन करोगे तो आप कभी भी बीमार नहीं पड़ोगे साथ ही आपका वजन हमेंशा नियंत्रण में रहेगा। आंवले में मौजूद गुण आपकी अत्याधिक चर्बी को तो कम करते ही हैं। साथ ही आपको त्वचा संबंधी बीमारियों से भी बचाते हैं।
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