पीपल के पेड़ के औषधीय गुण
1.यह 24 घंटे ऑक्सीजन देता है |
2. इसके पत्तों से जो दूध निकलता है उसे आँख में
लगाने से आँख का दर्द ठीक हो जाता है|
3. पीपल की ताज़ी डंडी दातून के लिए बहुत अच्छी
है |
4.पीपल के ताज़े पत्तों का रस नाक में टपकाने से
नकसीर में आराम मिलता है |
5. हाथ -पाँव फटने पर पीपल के पत्तों का रस या दूध लगाए |
6.पीपल की छाल को घिसकर लगाने से फोड़े फुंसी और घाव और जलने से हुए घाव भी ठीक हो जाते है|
7.सांप काटने पर अगर चिकित्सक उपलब्ध ना हो तो पीपल के पत्तों का रस 2-2 चम्मच ३-४ बार पिलायें
.विष का प्रभाव कम होगा |
8.इसके फलों का चूर्ण लेने से बांझपन दूर होता है और पौरुष में वृद्धि होती है |
9. पीलिया होने पर इसके ३-४ नए पत्तों के रस का मिश्री मिलाकर शरबत पिलायें .३-५ दिन तक दिन में दो
बार दे |
10 इसके पके फलों के चूर्ण का शहद के साथ सेवन करने से हकलाहट दूर होती है और वाणी में सुधार होता है |
11. इसके फलों का चूर्ण और छाल सम भाग में लेने से दमा में लाभ होता है |
12. इसके फल और पत्तों का रस मृदु विरेचक है और बद्धकोष्ठता को दूर करता है |
13. यह रक्त पित्त नाशक , रक्त शोधक , सूजन मिटाने वाला ,शीतल और रंग निखारने वाला है |
झुर्रियों से बचाएगा
बहुत ही कम लोगों को ही यह बात मालूम है कि झुर्रियों को खत्म करने के लिए पीपल एक अहम भूमिका निभाता है। यह बढ़ती हुई उम्र की वजह से चेहरे पर झुर्रियां रोक देता है। पीपल की जड़ों को काट लें और उसे पानी में अच्छे से भिगोकर इसका पेस्ट बना लें। और इस पेस्ट को नियमित चेहरे पर लगाएं।
दाद और खुजली को दूर करे
दाद और खाज दूर करने के लिए पीपल के 4 पत्तों को चबाकर सेवन करें। यदि एैसा नहीं कर सकते हो तो पीपल के पेड़ की छाल का काढ़ा बना लें और इसे दाद व खुजली वाली जगह पर लगाएं।
दाद और खाज दूर करने के लिए पीपल के 4 पत्तों को चबाकर सेवन करें। यदि एैसा नहीं कर सकते हो तो पीपल के पेड़ की छाल का काढ़ा बना लें और इसे दाद व खुजली वाली जगह पर लगाएं।
पेट की तकलीफ को दूर करे
पेट की किसी भी तरह की समस्या जैसे कब्ज, गैस और पेट दर्द आदि को दूर करता है। पीपल के ताजे पत्तों को कूट कर इसका रस सुबह-शाम पीएं। पीपल के पत्ते वात और पित्त को खत्म करते हैं।
पेट की किसी भी तरह की समस्या जैसे कब्ज, गैस और पेट दर्द आदि को दूर करता है। पीपल के ताजे पत्तों को कूट कर इसका रस सुबह-शाम पीएं। पीपल के पत्ते वात और पित्त को खत्म करते हैं।
दमा से दिलाए निजात
दमा के रोगीयों के लिए पीपल एक महत्वपूर्ण दवा का काम करता है। पीपल के पेड़ की छाल के अंदर के हिस्से को निकाल लें और इसे सुखा लें। सूखने के बाद इसका बारीक चूर्ण बना लें और पानी के साथ दमा रोगी को दें।
नजला-जुकाम से मुक्ति
नजला-जुकाम होने पर पीपल के पत्तों को छाया में सुखा लें। और इनकों पीसकर चूर्ण बना लें। और इसे गुनगुने पानी में थोड़ी सी मिश्री के साथ मिलाकर पीएं।
नजला-जुकाम होने पर पीपल के पत्तों को छाया में सुखा लें। और इनकों पीसकर चूर्ण बना लें। और इसे गुनगुने पानी में थोड़ी सी मिश्री के साथ मिलाकर पीएं।
घावों को करे ठीक
चोट के घावों को जल्दी भरने के लिए पीपल के पत्तों को गर्म कर लें और चोट की वजह से होने वाले घावों पर लगा दें।
दिलाए फटी एड़ियों से निजात
पीपल के पत्तों से निकलने वाले दूध को फटी एड़ियों पर लगाने से एड़ियां कोमल और सामान्य हो जाती हैं।
पीपल के पत्तों से निकलने वाले दूध को फटी एड़ियों पर लगाने से एड़ियां कोमल और सामान्य हो जाती हैं।
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